तरुण भारत संघ : युवा दिवस के अवसर पर तरुण भारत संघ के उपकेन्द्र नीमली, मेवात में तरुण भारत संघ द्वारा @CLIFFORDCHANCE के सहयोग से किसान जागृति शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में किसानों को जल, जंगल और जमीन संरक्षण के माध्यम से जीवनदायिनी पर्वतमाला अरावली को हरा-भरा बनाने के लिए संवाद किया गया। इस अवसर पर जाटमालेयर, हसनपुर, नीमली, पाटखोरी, हरियाणा और तिजारा जिले सहित कई गांवों के लोगों ने मिलकर विश्व युवा दिवस पर नीमली गांव में देश-विदेश से आए लोगों का स्वागत किया। इस अवसर पर चालीस सदस्यीय जल सूत्र के लोगों ने भी भाग लिया।
शिविर में अरावली को हरा-भरा बनाने के लिए जंगल, जमीन और जल के संरक्षण पर चर्चा हुई। अमेरिका से आए अनुपम सराफ ने बताया कि अरावली पर्वतमाला का इन सभी जिलों के जीवन में क्या महत्व है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी दिशा से आने वाले मानसूनी बादलों को ये पर्वत रोकते और धीरे-धीरे आगे बढ़ने में मदद करते हैं। इससे यहां हरियाली बनती है, जो माइक्रो क्लाइमेट तैयार करती है। इस माइक्रो क्लाइमेट से माइक्रो क्लाउड बनते हैं और अरब सागर से आए बादलों के साथ मिलकर वर्षा कराते हैं। वर्षा का पानी पर्वतों के भीतर रुकता है और धीरे-धीरे जमीन के अंदर समा जाता है।
उन्होंने राजेन्द्र सिंह द्वारा पिछले पांच दशकों में किए गए निस्वार्थ कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि तालाब और जोहड़ बनने से पानी एकत्र होकर आगे नदियों तक पहुंचता है। छोटे-छोटे पहाड़ों और पर्वतों पर घास होने से गाय, भैंस और बकरियां चरती हैं और इस तरह पूरा क्षेत्र जीवन के लिए अनुकूल बनता है। यदि इन पहाड़ों को नुकसान पहुंचा तो पूरे इलाके की जीवनदायिनी परिस्थितियां शीघ्र ही बिगड़ जाएंगी। इसलिए जरूरी है कि पेड़ लगाए जाएं, तालाब और जोहड़ बनाए जाएं तथा गांव अपनी नदियों और पहाड़ों को मां की तरह मानकर उनकी रक्षा करें।
अमेरिका से आए जैक ने कहा कि वे तरुण भारत संघ के कार्यों को कई वर्षों से देख रहे हैं। यह कार्य सामुदायिक और परंपरागत ज्ञान तंत्र पर आधारित है, जिसकी आवश्यकता अमेरिका में भी है। नीदरलैंड से आई बहन ने कहा कि उनका देश पानी का देश है, लेकिन तरुण भारत संघ ने जिस तरह का काम किया है, वैसा काम वहां किसी ने नहीं किया और ऐसे प्रयासों की उन्हें भी जरूरत है।
विभिन्न देशों से आए लोगों ने अपनी-अपनी बातें रखीं। अंत में जल पुरुष ने कहा कि तरुण भारत संघ लोगों का संगठन है, जो लोगों के लिए जीता और काम करता है। अरावली पर्वत को पुनर्जीवित और हरा-भरा बनाने के लिए यह कार्य निरंतर चलता रहेगा। गांव के लोग यदि एकजुट होंगे तो यह अभियान और आगे बढ़ेगा।
पाटखोरी के सुहान ने कहा कि अडानी-अंबानी जैसे बड़े पहाड़ों के लुटेरे अरावली में आ गए हैं और उनसे अरावली को बचाना हम सबका साझा और जरूरी काम है। इब्राहिम खान ने कहा कि, स्वस्थ भारत के लिए पहाड़, जंगल और जमीन को बचाना हम सबका पहला और सबसे जरूरी कार्य है।
इंद्रशेखर ने अमेरिकन्स की अंग्रेजी का हिंदी में अनुवाद करते हुए बताया कि दुनिया के जो लोग वाटर सूत्र के लिए आए हैं, वे अब यूरोप और अमेरिका में भी तरुण भारत संघ से सीखकर ऐसे काम करेंगे। इस प्रकार सभी ने अपने विचार साझा किए।
किसान जागृति शिविर की मुख्य बात यह रही कि हम सब मिलकर पानी और प्रकृति के रक्षण, संरक्षण और संवर्धन के लिए एकजुट हों। यदि हम एकजुट होंगे तो दुनिया हरी-भरी होगी और सबका भला होगा। जो किसान पूरी दुनिया के लिए सोचते हैं, वही सबसे समृद्ध और आनंदपूर्वक जीवन जीते हैं।
नीमली गांव के सरपंच और अन्य लोगों ने सवाल उठाया कि खनन कैसे बंद कराया जाए और अरावली को कैसे बचाया जाए। इस पर जलपुरुष जी ने कहा कि सम्माननीय उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों, प्रधानमंत्री, खान मंत्री और उद्योग मंत्री को पत्र लिखें। न्यायपालिका में विश्वास रखना हम सबका कर्तव्य है। न्यायपालिका का सम्मान करते हुए हम जल संरक्षण के कार्य में जुट जाएं।



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