लैंगिक भेदभाव, शारीरिक शर्मिंदगी जैसी चुनौतियों का सामना कर बढ़ायें आत्म सम्मान

करौली (राजस्थान) । जिला प्रशासन, बाल अधिकारिता विभाग एवं एक्शनएड - यूनिसेफ करौली द्वारा एक्शनएड एसोसिएशन क्षत्रिय प्रबंधक सिओन किंगोरी के निर्देशन में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भावली में किशोर युवतियों के साथ फैस टू फैस प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। एक्शनएड - यूनिसेफ करौली के जिला समन्वयक दिनेश कुमार बैरवा ने बताया कि किशोर युवतियों को लैंगिक भेदभाव, "सेल्फ एस्टीम एंड बॉडी कॉन्फिडेंस" पर कार्यशाला आयोजित की गई। जिसमें आत्म-सम्मान, आत्म विश्वास बढ़ाने और हानिकारक जेंडर मानदंडों को चुनौती देने के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया गया हैं। 


इस प्रशिक्षण का उद्देश्य किशोर युवतियों को सकारात्मक शारीरिक छवि विकसित करने, समाज में व्याप्त रूढ़ियों को समझने, और अपने शरीर के प्रति आत्मविश्वास महसूस करने के लिए सशक्त बनाना है। प्रशिक्षण में कॉमिक्स बुक सामग्री का उपयोग किया गया जिससे किशोरावस्था के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक परिवर्तनों को समझने में मदद मिलती है। प्रशिक्षण से आत्म-सम्मान और आत्मविश्वास बढ़ाना किशोरों में अपने शरीर के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना और आत्म-सम्मान की भावना को बढ़ावा दिया गया। 

मीडिया के आदर्श रूपों, लिंग आधारित रूढ़ियों और शारीरिक बनावट से जुड़ी हानिकारक धारणाओं को चुनौती देना सिखाया। किशोर युवतियों को अपने शरीर के साथ सहज रहने और सामाजिक दबाव का सामना करने के लिए मानसिक रूप से तैयार किया गया। समाज में फैली लिंग भेद से जुड़ी रूढ़ियों और मान्यताओं को पहचानना और उन्हें चुनौती देना सिखाया गया। जिससे छात्राओं एवं किशोर युवतियों में सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास विकसित हो सकें। जो अकादमिक विकास में भी सहायक हो। जिला समन्वयक बैरवा ने प्रशिक्षण में किशोर युवतियों को सकारात्मक रूप से विकसित होने में मदद करना। 

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उन्हें समाज में व्याप्त नकारात्मक सोच से निकलने और अपने आप को स्वीकार करने के लिए सशक्त बनाने एवं किशोरावस्था के दौरान आत्मविश्वास की कमी, नकारात्मक शारीरिक छवि और सामाजिक दबाव से निपटने हेतु प्रेरित किया गया। एक्शनएड एसोसिएशन के स्वयंसेवक रामराज गूर्जर ने किशोर एवं युवाओं को सायबर अपराध, सायबर फ्रॉड सहित बाल मैत्रीपूर्ण अधिकारों की जानकारी देकर बाल अधिकारों के संरक्षण पर किशोर युवतियों एवं छात्राओं की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। 

इस दौरान एक्शन फोर एडवोकेसी विकास अनुसंधान संस्थान प्रभारी देवीशंकर ने बाल विवाह, बालश्रम, की रोकथाम एवं साइबर अपराध से बचाव के साथ नशामुक्ति पर जोर दिया। इस दौरान आउट ऑफ स्कूल किशोरी बालिकाओं के साथ विद्यालय की छात्राओं एवं स्टाफ मौजूद रहा।

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